1990 के दशक में व्यापार विवाद के रूप में जो कुछ शुरू हुआ था, उसे अब केवल अमेरिका के द्वारा चीन के लिए बनाई जा रही अस्तित्व की चुनौती के रूप में वर्णित किया जा सकता है। चीन के ख़िलाफ़ यह ख़तरा पूरी तरह से तर्कसंगत कारणों से खड़ा किया जा रहा है।अमेरिका को इस बात का एहसास है कि चीनी अर्थव्यवस्था धीरे–धीरे दुनिया में सबसे बड़ी बनने जा रही है और एक प्रमुख आर्थिक और तकनीकी शक्ति के रूप में उभरने जा रही है।