डोजियर 32 भारत के कम्युनिस्ट आंदोलन के इतिहास का एक संक्षिप्त परिचय देता है। 17 अक्टूबर 2020 को इस आंदोलन के एक सौ साल पूरे होने जा रहे हैं। अक्टूबर क्रांति से प्रेरित मुट्ठी-भर भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा स्थापित किए गए इस आंदोलन का इतिहास शानदार संघर्ष और महत्वपूर्ण उपलब्धियों का इतिहास है। भारत के कम्युनिस्टों ने मेहनतकश जनता के अधिकारों को आगे बढ़ाने के और ऐसा भविष्य बनाने के अथक प्रयास किए हैं, जहां मानव द्वारा मानव का शोषण न हो।
An Anti-Eviction Campaign activist gazes at the construction site of the Delft transit camp, a 'temporary relocation area' for people evicted from shacks closer to the city. March 2009.  Credit: Kerry Ryan Chance
यह डोजियर दक्षिण अफ्रीका में जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं पर रंगभेद के समय से शुरु हुए और अब अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस (एएनसी) के शासनकाल में भी लगातार जारी दमन का अवलोकन प्रदान करता है।
Herb and spice vendor working (despite the pandemic). Santa Cruz Street, La Paz, Bolivia, 2020.  Carlos Fiengo
लैटिन अमेरिका और कैरेबियन में COVID-19 के मामलों में तेजी आई है – कभी-कभी नाटकीय रूप से – कारण नव-उदारवादी आर्थिक और सामाजिक प्रक्रियाओं की एक श्रृंखला और नीतियाँ, जो दशकों से चल रही थी। तेजी से सत्तावादी नीतियों, श्रम की अनिश्चितता और वर्तमान सामाजिक संकट जो इस नव-उदारवादी मॉडल की देन  हैं, जो लोगों से पहले पूँजी को पूछते हैं।
हमारे डोज़ियर संख्या 29 में, हम सामान्य स्थिति -ख़ासतौर पर बुर्जुआ व्यवस्था की स्वास्थ्य प्रणालियों के संदर्भ में- में वापसी के ख़िलाफ़ तर्क दे रहे हैं। डोज़ियर के भाग 1 में हम बात करेंगे कि महामारी ने हमें मौजूदा स्वास्थ्य प्रणाली के बारे में क्या सिखाया है; फिर, भाग 2 में, हम स्वास्थ्य-कर्मचारियों के नेताओं की बात सुनेंगे; और इसके अंतिम भाग में, हमने स्वास्थ्य कर्मचारियों की मांगों के आधार पर एक नयी स्वास्थ्य-संविदा का एजेंडा प्रस्तुत किया है।
यह डोजियर वैश्विक महामारी पर केंद्रित है और तीन हिस्सों पर ध्यान केंद्रित करता है। भाग 1 उन संरचनात्मक विशेषताओं पर है जिसके परिणामस्वरूप हमारा वर्तमान संकट पैदा हुआ है। भाग 2 एक बिंदु यूनिवर्सल बेसिक इनकम भी है। यह एक जटिल विचार है जिस पर चर्चा की आवश्यकता है। हमारे डोसियर के भाग 3 में हमने यूनिवर्सल बेसिक इनकम के विचार के विषय में एक संक्षिप्त परिचय दिया है साथ ही इस अवधारणा की आलोचना तथा इस विषय में समझ विकसित करने के तरीक़ों के बार में भी चर्चा की गई है।