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Comando Creativo, History is watching us, Bellas Artes, Caracas, 2011.

कोमांडो क्रिटिएवो.इतिहास हमें देख रहा है, बेल्लास अर्टेस, काराकस, 2011.

 

प्यारे दोस्तों,

ट्राईकॉन्टिनेंटल: सामाजिक शोध संस्थान की ओर से अभिवादन।

पिछले साल मरिएला मकाडो के साथ ला वेगा (काराकास, वेनेजुएला) के पड़ोस में स्थित कैकाची नामक आवास परिसर घूमने गया। 1999 में ह्यूगो शावेज़ के राष्ट्रपति बनने के बाद शहर के मज़दूर वर्ग के एक समूह ने ज़मीन का एक ख़ाली टुकड़ा देखा और उस पर क़ब्ज़ा कर लिया। मरिएला और अन्य लोगों ने सरकार के पास जाकर कहा, ‘हमने ये शहर बनाया है। हम अपने घर ख़ुद बना सकते हैं। हमें केवल मशीनें और सामान चाहिए।’ सरकार ने उनका समर्थन किया और उन्होंने एक आकर्षक बहुमंज़िला आवास परिसर बनाया, जिसमें बयान्वे परिवार रहते हैं।

सड़क के पार एक मध्यवर्गीय अपार्टमेंट बिल्डिंग है। मरिएला ने मुझे बताया कि कभी-कभी उस इमारत के लोग कैकाची में कूड़ा फेंक देते हैं। मरिएला ने कहा, ‘वो चाहते हैं कि हम इसे ख़ाली कर दें।’ उन्होंने बताया कि यदि बोलिवेरियन सरकारें गिरती हैं, तो कुलीन वर्ग की सरकार उन [मध्यवर्गीय] निवासियों का पक्ष लेगी, और [कैकाची] आवास परिसर को बनाने वाले परिवारों – जिनमें मुख्यत: एफ्रो-वेनेजुएलन परिवार हैं- को बेदख़ल कर, इसे किसी ज़मींदार को सौंप देगी। वो कहती हैं, यही उनके संघर्ष का स्वरूप है। ये ग़रीबों की बमुश्किल कमाई गई चीज़ों की रक्षा के लिए कुलीन वर्ग के ख़िलाफ़ एक वर्ग संघर्ष है।

 

 

Marisol, Culture Head, 1975.

मैरीसोल (1975), संस्कृति प्रमुख.

आप वेनेजुएला के श्रमिक वर्ग या शहरी ग़रीबों के बीच कहीं भी चले जाएँ, सब जगह आपका स्वागत एक जोशीली पहचान के साथ होगा: शाविस्टा।  ये शब्द वो महिला और पुरुष इस्तेमाल करते हैं जो निश्चित रूप से शावेज़ के प्रति निष्ठावान तो हैं ही, लेकिन उनके चुनाव के साथ शुरू हुई बोलिवेरियन क्रांति के लिए भी उतने ही प्रतिबद्ध हैं। क्रांतियाँ मुश्किल होती हैं, उन्हें सैकड़ों वर्षों की असमानता दूर करनी होती हैं, उन्हें सांस्कृतिक उम्मीदें नष्ट करनी होती हैं और नये समाज के लिए भौतिक नींव की स्थापना करनी होती हैं। लेनिन ने लिखा है, क्रांतियाँ ‘एक लंबा, कठिन और अड़ियल वर्ग संघर्ष है, जो पूँजीवादी शासन को उखाड़ फेंकने के बाद, बुर्जुआ राज्य के विनाश के बाद … ग़ायब नहीं होता … बल्कि केवल अपना स्वरूप बदल लेता है और कई प्रकार से ज़्यादा उग्र हो जाता है।’ झुके हुए कंधे सीधे कर सबसे बुनियादी ज़रूरतों से आगे की ज़रूरतें पूरी करनी होंगी। यही एजेंडा शावेज़ ने सामने रखा। शुरू में, तेल से मिलने वाले राजस्व से -वेनेजुएला के भीतर और दक्षिणी गोलार्ध के देशों में- सपने साकार करने के लिए संसाधन मिलते रहे। लेकिन फिर 2015 में तेल की क़ीमतें गिर गईं, जिससे वेनेजुएला सरकार की क्रांतिकारी परिवर्तन को मज़बूत कर पाने की क्षमता प्रभावित हुई। लेकिन क्रांतिकारी प्रक्रिया कमज़ोर नहीं हुई।

1999 से तेल और खनन की प्रमुख कंपनियाँ वेनेजुएला में क्रांतिकारी प्रक्रिया को अवैध बनाने की भरपूर कोशिश करती रही हैं। ये कंपनियाँ न केवल वेनेजुएला के संसाधनों पर क़ब्ज़ा करने के लिए ऐसा करती हैं, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी कि कहीं वेनेजुएला का संसाधन सम्पन्न समाजवादी उदाहरण अन्य देशों को प्रेरित न करने लगे। उदाहरण के लिए, 2007 में कनाडा के बैरिक गोल्ड के प्रमुख पीटर मंक ने फ़ाइनेंशियल टाइम्स को एक उत्तेजक ख़त लिखा, जिसका शीर्षक था ‘Stop Chavez’ Demagoguery Before it is Too Late’ (शावेज़ की प्रजानायकवाद को रोको, इससे पहले की बहुत देर हो जाए)। मंक ने शावेज़ की तुलना हिटलर और पोल पॉट से करते हुए कहा कि इस तरह के ‘निरंकुश प्रजानायकों’ को काम नहीं करने देना चाहिए। मंक और उसके जैसे खनन कंपनियों के अधिकारियों को जो बात परेशान कर रही थी, वह यह थी कि शावेज़ ‘वेनेजुएला के चरणबद्ध परिवर्तन’ को साकार कर रहे थे। इस चरणबद्ध परिवर्तन की प्रकृति क्या थी? शावेज़ और बोलिवेरियन क्रांति बैरिक गोल्ड जैसी कंपनियों से संसाधन लेकर, न केवल वेनेजुएला के लोगों, बल्कि लैटिन अमेरिका और अन्य जगहों के लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। ज़ाहिर है, इस संसाधन सम्पन्न समाजवाद को नष्ट करना ज़रूरी था।

 

 Comando Creativo, ‘This is our homeland’ / Tenemos patria. Macuro, Sucre. 2014.

कोमांडो क्रिटिएवो. यह हमारी मातृभूमि है / तेनोमोस पेट्रिया, मैकूरो, सूक्र 2014.

 

2002 में संयुक्त राज्य अमेरिका ने -नेशनल एंडॉमेंट फ़ॉर डिमॉक्रेसी और USAID से प्राप्त फ़ंड से- शावेज़ के ख़िलाफ़ तख़्तापलट का प्रयास किया। यह तख़्तापलट निर्णायक रूप से विफल रहा, लेकिन इसके बाद भी गुप्त गतिविधियाँ रुकी नहीं। 2004 में अमेरिकी राजदूत विलियम ब्राउनफ़ील्ड ने दूतावास की पाँच सूत्री योजना पेश की: उन्होंने लिखा, ‘रणनीति की केंद्रीय बिंदु हैं 1) लोकतांत्रिक [यानी कुलीनतंत्र के] संस्थानों को मज़बूत करना; 2) शावेज़ के राजनीतिक आधार पर आघात [यानी गुमराह करना या ख़रीद लेना] करना; 3) शाविज़्मो को विखंडित करना; 4) महत्वपूर्ण अमेरिकी व्यापार की रक्षा करना, और 5) शावेज़ को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करना।’

ये वेनेजुएला के ख़िलाफ़ हाइब्रिड युद्ध के तत्व हैं। ऐसा युद्ध जिसकी रणनीति में प्रतिबंधों से लेकर अर्थव्यवस्था को कुचलने, ग़लत ख़बरें फैलाने और क्रांतिकारी प्रक्रिया को विघटन करने जैसे सभी हथकंडे शामिल हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार और (कनाडा और लैटिन अमेरिका में कई सरकारों सहित) उसके सहयोगियों द्वारा न केवल राष्ट्रपति शावेज़ और राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को हटाने के हर प्रयास किए जाते रहे हैं, बल्कि बोलिवेरियन क्रांति को पूरी तरह से ख़त्म करने की कोशिशें भी होती रही हैं। अमेरिका और उसके सहयोगी इस तरह के युद्ध को जीतने के लिए, नि:संदेह कैकाची आवास परिसर को मिटा देंगे, जहाँ मरिएला मकाडो एक स्थानीय नेता हैं।

 

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तारिक अली का पोस्टर

 

जब मैं 2019 में मरिएला से मिला था, तब अमेरिका वेनेजुएला के अंदर जुआन गुएडो को राष्ट्रपति के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा था। उस समय तक जुआन गुएडा की कोई विशेष पहचान नहीं थी।  मरिएला जैसे लोग ही थे जो वाशिंगटन डीसी, ट्रांसनेशनल कॉरपोरेशनों और वेनेजुएला के पुराने कुलीनतंत्र द्वारा किए जाने वाले तख़्तापलट और हाइब्रिड युद्ध का विरोध करने के लिए हर रोज़ सड़कों पर उतरते रहे। मरिएला जैसे शाविस्टा शावेज़ द्वारा 2005 में कही गई बात को अच्छी तरह से समझते हैं: ‘गोलियथ (बाइबल के अनुसार एक राक्षस) अजेय नहीं है। यही उसे और ज़्यादा ख़तरनाक बनाता है, क्योंकि जैसे-जैसे वह अपनी कमज़ोरियों के बारे में जागरूक होना शुरू होता है, वैसे-वैसे वह क्रूर शक्ति का सहारा लेना शुरू कर देता है। वेनेजुएला पर हमला, क्रूर शक्ति का उपयोग, कमज़ोरी का प्रतीक है, वैचारिक कमज़ोरी का।’ जो शावेज़ ने कहा, फ़्रांज़ फ़ैनन ने वैसा ही कुछ डाइंग कोलोनियलिज़्म (1959) में लिखा था: ‘हम वास्तव में जो देख रहे हैं वह उपनिवेशवादी सोच की धीमी लेकिन सुनिश्चित हार है’ और क्रांतिकारी प्रक्रिया के द्वारा श्रमिक वर्ग में पैदा हो रहा ‘क्रांतिकारी परिवर्तन है।’ शाविज़्मो क्रांतिकारी ऊर्जा का नाम है, वेनेजुएला के लोगों के व्यक्तित्व के क्रांतिकारी परिवर्तन का नाम है, जो संघर्ष से गौरवान्वित है और अब कुलीनतंत्र या वाशिंगटन डीसी के सामने झुकने और यथार्थ को ज्यों-का-त्यों स्वीकारने के लिए तैयार नहीं है।

 

बुकलेट का कवर

वैश्विक महामारी के समय में, एक संवेदनशील दुनिया को वाशिंगटन डीसी के हाइब्रिड युद्ध का सामना कर रहे वेनेजुएला और ईरान जैसे देशों में बढ़ती घुटन, जिसने इन देशों की वायरस से लड़ने की क्षमता भी घटा दी है, की निंदा करने के लिए एकजुट होना चाहिए था। लेकिन हाइब्रिड युद्ध को समाप्त करने या कुछ समय के लिए रोक देने के बजाये, संयुक्त राज्य सरकार -और उसके कनाडाई, यूरोपीय और लैटिन अमेरिकी सहयोगियों- ने वेनेजुएला पर अपना हमला तेज़ किया है। इस हमले के तहत वेनेजुएला को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का COVID​​-19 फ़ंड इस्तेमाल करने से रोका गया, वेनेजुएला के प्रमुख नेताओं पर बिना सबूत के नार्को-ट्रैफ़िकिंग के आरोप लगाए गए, और देश पर आक्रमण करने का भी प्रयास किया गया।

ट्राईकॉन्टिनेंटल: सामाजिक शोध संस्थान ने फ्रेंटे फ्रांसिस्को डी मिरांडा (वेनेजुएला) की एना मल्डोनाडो, इंटर्नेशनल पीपुल्स असेंबली के पाओला एस्ट्राडा और पीपुल्स डिस्पैच की ज़ोई पी सी के साथ मिलकर कोरोनाशॉक पर दूसरी बुकलेट: कोरोनाशॉक और वेनेजुएला के ख़िलाफ़ हाइब्रिड युद्ध (जून 2020) लिखी है। इस बुकलेट में वेनेजुएला के ख़िलाफ़ 2020 में चल रहे हाइब्रिड युद्ध का विवरण दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र के अनुरोध के बावजूद जिस पर संयुक्त राज्य अमेरिका न केवल अडिग है बल्कि प्रतिबंध नीतियाँ लागू कर और सैन्य हमले बढ़ाकर उसे और प्रखर कर रहा है। हम आग्रह करते हैं कि आप इस बुकलेट को पढ़ें, इस पर अपने दोस्तों और साथियों के साथ चर्चा करें और इसे ज़्यादा-से-ज़्यादा लोगों तक पहुँचाएँ।

 

इरिका फारस का पोस्टर.

 

‘लोकतंत्र’ और ‘मानवाधिकार’ जैसे शब्दों को हाइब्रिड युद्ध ने खोखला कर दिया गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका वेनेजुएला पर ‘मानवाधिकारों के उल्लंघन’ का आरोप लगाता है, जबकि वो ख़ुद ऐसी प्रतिबंध नीति का संचालन करता है जो मानवता के ख़िलाफ़ एक अपराध के समान है; और ‘लोकतंत्र’ के नाम पर अमेरिका-अचानक-एक आदमी को वेनेजुएला के राष्ट्रपति के रूप में चुन लेता है, वेनेजुएला के अंदर की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की चिंता किए बिना।

शावेज़ के चुनाव जीतने से कई साल पहले ही, वेनेजुएला की कवयित्री मियो वेस्ट्रिनी ने भाषा के इस चालबाज़ी के बारे में लिखा था:

मैं सोचती हूँ क्या मानवाधिकार वास्तव में
एक विचारधारा है।
फ़र्नांडो, एकमात्र शराबी बारटेंडर जो अभी रिटायर नहीं हुआ,
लय में बोलता है:
रात है अंधेरी
और मेरे पास मेरा दिल नहीं।
जैसा कि मैं इसे समझती हूँ, वो उन कुछ बचे रह गये लोगों में से एक है
जो सोचते हैं
मानवाधिकार नैतिकता है।

निश्चित रूप से, वाशिंगटन डीसी ‘मानवाधिकारों’ को युद्ध के हथियार की तरह देखता है।

 

जोआ पेड्रो का पोस्टर.

 

इसी बीच, पाँच ईरानी तेल टैंकरों ने वेनेजुएला में गैसोलीन लाने पर रोक लगाने वाले अमेरिकी व्यापार प्रतिबंधों को तोड़ दिया है। पहला टैंकर, फ़ॉर्च्यून, 24 मई को पहुँचा और पाँचवाँ, कार्नेशन, 1 जून को बंदरगाह में प्रवेश कर गया। पिछले साल, एक ईरानी जहाज़, ग्रेस 1 का, जिब्राल्टर में अपहरण कर लिया गया था, लेकिन इस बार संयुक्त राज्य अमेरिका इस तरह की घटना को अंजाम नहीं दे सका। यह बात हौसला देता है कि चीन और रूस COVID-19 के ख़िलाफ़ संघर्ष में संसाधनों के साथ वेनेजुएला की सहायता कर रहे हैं, और यह बात भी हौसला देता है कि चीन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह काराकस में सत्ता-परिवर्तन नहीं होने देगा। लेकिन ये कवच नाकाफ़ी हैं। हम जिस समय में रह रहे हैं उसमें वाशिंगटन को युद्ध करने से रोकने की सभी कोशिशें छोटी लगती हैं।

 

Luis Cario, Now we are breathing, 2020.

लुइस कारियो, अब हम सांस ले रहे हैं, 2020.

मिनेपोलिस में एक गोरे पुलिस अधिकारी और उसके गुर्गों ने एक निहत्थे काले व्यक्ति जॉर्ज फ़्लॉयड की हत्या कर दी। यही कारण है कि अमेरिका की सड़कें फिर से लोगों से भरी हुई हैं। मैल्कम एक्स ने एक बार कहा था ‘ये कोई गिट्टी नहीं है मेरे कंधे पर। तुम्हारा पैर है मेरी गर्दन पर।’ जॉर्ज फ़्लॉयड की हत्या से एक हफ़्ते पहले, अपने घर के यार्ड में खेलते हुए जोओ पेड्रो मैटोस पिंटो (उम्र 14) को रियो डी जिनेरियो (ब्राजील) की पुलिस ने मार डाला था। इस बच्चे की हत्या के कुछ दिनों बाद इज़रायली आधिपत्य बलों ने ओल्ड यरुशलम के एक स्पेशल नीड्ज़ स्कूल में काम करने और पढ़ने वाले इयाद अल-हल्लक़ (उम्र 32) की हत्या कर दी। जॉर्ज फ़्लॉयड, जोओ पेड्रो और इयाद अल-हल्लक़ की गर्दन पर वही पैर था, जो हर दिन अमेरिका द्वारा संचालित हाइब्रिड युद्ध से पीड़ित वेनेजुएला के लोगों का दम घोंटता है।

 

स्नेह-सहित,

विजय।